• Wed. Feb 4th, 2026

सटायर हिन्दी

विद्रूपताओं का आईना

जान रहा हूँ

हक़ीक़त है क्या फ़सानामैं सब जान रहा हूँसाधो जग का यूँ बौरानामैं सब जान रहा हूँ। सैफ़ ज़ुबाँ से बरगलानामालूम…

प्रयोग!

एक बूढ़ा सनकी वैज्ञानिक अपनी गोपनीय और बेतरतीब सी प्रयोगशाला में दोनों हाथ कमर पर रखे चहलकदमी कर रहा है।…

अनूठी क्रांति!

कौन कहता है इंसान कोलट्टू की तरह नचाया नहीं जा सकताखुद नाचना चाहो तोनाच सकते होबेशक नाचोनफ़रत की बीन परलेकिनराम…