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सटायर हिन्दी

विद्रूपताओं का आईना

आप जानते हैं… मानते नहीं !

Byआज़ाद

Jul 26, 2021

 

नीचतम से भी इतिहास में शुमारी हो सकती है
किसी मूर्खतम को ही ऐसी बीमारी हो सकती है।

हँसी आती है आज जो उनकी लानतें देख कर
तय है यही हालत कल को तुम्हारी हो सकती है।

आप जानते हैं…

गधों के साथ दोस्ताना शुरू कर दिया है आज से
इनमें से कोई कभी भी शाही सवारी हो सकती है।

सुना है शहंशाह संग कल खूब पी है रात तलक
कैसे कह दूँ अब कि सत्ता कुँआरी हो सकती है।

आप जानते हैं…

सरकार को केवल देश को लूटने से मतलब है
चाहें तो तय विपक्ष की ज़िम्मेदारी हो सकती है।

कटखने बन गये हैं लोग देख कर उसकी डिबेट
उसे उच्च सदन भेजने की तैयारी हो सकती है।

आप जानते हैं…

आवाज़ों का गला जिन से घोंट रहा है हत्यारा
लोकतंत्र की उन हाथों में सुपारी हो सकती है।

एक बार आ जाये जो थोड़ी सी वतन परस्ती
तेरी आवाज़ भी शरीर से भारी हो सकती है।

आप जानते हैं…

तुम बस यक़ीन दिला दो उसे अपनी भक्ति का
तो स्वतंत्रता सेनानी पेंशन जारी हो सकती है।

पलकें झूठ के बोझ तले क्यों ही दबी जाती हैं
ये देखी हुई ख़बरों की ख़ुमारी हो सकती है।

आप जानते हैं… मानते नहीं!

@भूपेश पन्त

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